Monthly Archives: February 2017

एक पेड

एक मामुली सा पेड है वह सुनसान बंजर जमीन पे वक्त के थपेडे खाता बस एक मामुली पेड पत्ता पत्ता सूख रहा है और तेज हवा पत्तों को पेड से अलग करती एक-एक शाख को नंगा करती कुछ समय पुर्व माहौल कुछ अलग था हर शाख थी हरी भरी पत्ता पत्ता खीला हुआ दूर कही […]

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Posted in Marathi\Hindi | Leave a comment